Sohil Barelvi

अब भी मुझे वो ढूँढ रहा है
मैं समझा था भूल चुका है

दिल में मेरे रहने वाला
दूर से मुझ को देख रहा है

कोई कभी शायद ही लौटे
कोई ज़रा सी दूर गया है

कोई नहीं दुनिया में मेरा
लेकिन मेरे साथ ख़ुदा है

मैं तो ऐसा ही दिखता हूँ
ऐसे क्यूँ? तू देख रहा है

उस को भी तकलीफ़ हुई है
मेरा दिल भी टूट गया है

तुझ से बातें करने वाला
कमरे में चुप चाप पड़ा है

तेरी कुछ तस्वीरों को अब
इक दीवाना देख रहा है

तू दरवेश बना है सोहिल
उस का भी कुछ रंग ढला है
Sohil Barelvi