अकेले में मज़ा आने लगा हैसफ़र तन्हाई का भाने लगा हैकोई हसरत भी अब दिल में नहीं हैमिरा अब ध्यान मुझ में ही कहीं हैन कोई दर्द अब तड़पा रहा हैन कोई ज़िंदगी से जा रहा हैन कुछ पाने की अब चाहत है मुझकोअकेले में बड़ी राहत है मुझकोNasir Hayaat