Shravan Kumar

महफ़िल महफ़िल गाने वाले
अपना दर्द छुपाने वाले

शायर, आशिक़ ,संत, मुसव्विर
सब हैं एक घराने वाले

प्यार के मा'नी क्या समझेंगे
हरदम प्यार जताने वाले

आग बुझाने वालों में हैं
थोड़े आग लगाने वाले

जिनको ख़ूब समझते थे हम
वो निकले समझाने वाले

साथ तुम्हारे चढ़ जाते हैं
मुझ पर रंग ज़माने वाले।
Shravan Kumar

Shravan Kumar | We The Sukhanwar