Shazia niyazi

कभी ख़लिश कभी राहत दिखाना काग़ज़ पर
ताल्लुक़ात को मत आज़माना काग़ज़ पर

मैं एक शेर में बारिश का ज़िक्र करती हूँ
तुम एहतियात से छतरी बनाना काग़ज़ पर
Shazia niyazi