अक्ष दो साथ में मिल सकेंगे कहाँ! मिल सकेगी तुम्हें मात्र इक ही धुरी।रामगिरि चाहिए तो करो यत्न यह, त्याग दो आज ही यक्ष अलकापुरी।GARIMA MISHRA