Arman Habib

नहीं है इश्क़ तो बतला दे मुझको
मेरी जानिब से फिर ठुकरा दे मुझको

घड़ी लौटा रही है तू मुझे गर
तो मेरा वक़्त भी लौटा दे मुझको
Arman Habib