दिल हवा में उछालकर देखोजान आफ़त में डालकर देखोरोज़ ताज़ा मिलेगा ज़ख़्म तुम्हेंइश्क़ का रोग पालकर देखोमैंने अब तक तुम्हें सँभाला थाअब मुझे तुम सँभालकर देखोइक दफ़ा भी न मुड़के देखूँगातुम मिरी बात टालकर देखोNasir Hayaat