Tufail Adeeb

फ़कत हमें तो यही अब सवाल रहता है
हमें तो सिर्फ़ उसी  का ख़याल रहता है

मुझे ही रंज नहीं अब तो हिज्र मे उसके
बिछड़के अब तो उसे भी मलाल रहता है
Tufail Adeeb