तुझ से बिछड़ूँ तो मौत आ जाए
राह भूलूँ तो तो मौत आ जाए
तुझ को देखे बिना तड़पता हूँ
तुझ को देखूँ तो मौत आ जाए
इस क़दर हूँ मैं आज कल हस्सास
मौत सोचूँ तो मौत आ जाए
रोज़ मरता हूँ मय को पी पी के
ज़हर पीलूँ तो मौत आ जाए
इस जहाँ से नज़र हटा कर भी
ख़ुद को देखूँ तो मौत आ जाए
Sohil Barelvi