सब बहनों के हिस्से में, यह त्यौहार नहीं आता है |
रिश्ते चाहे अनगिन हों, भाई का प्यार नहीं आता है |
नहीं हैं आती उनके हिस्से,
अक्षत, रोली की थाली |
खुशियों से घर भरा हो चाहे,
रह जाता कुछ तो खाली |
भाई पर सब वार दे जिस दिन,. वह एक वार नहीं आता है
सब बहनों के हिस्से में...
सजी कलाई देख किसी की
उनका मन है अकुलाता |
बाट जोहतीं जिसकी इस दिन,
नहीं पास है, वह नाता |
रूठ के पूछें "कब आओगे? "वह अधिकार नहीं आता है |
सब बहनों के हिस्से में,...
जिसके माथे तिलक लगाके,
भाग्य पे अपने इठलाएँ |
कोई हो जो उनके खातिर,
सारे जग से लड़ जाए |
सबकी किस्मत में यह दिन, होके गुलज़ार नहीं आता है |
सब बहनों के हिस्से में, यह त्यौहार नहीं आता है |
Rinki Singh