Faisal Qadri Gunnauri

जश्न ए आज़ादी बहुत बहुत मुबारक

कितनी आला है शान भारत की
मीठी मीठी ज़ुबान भारत की

इस की तहज़ीब गंगा जमुनी है
एकता है महान भारत की

माल ओ दौलत भी है फ़िदा इस पर
दिल है भारत का, जान भारत की

हम को दुश्मन समझ रहे हो तुम
हम से बाक़ी है शान भारत की

अमन की रोशनी है फैली हुई
है यही तर्जुमान भारत की

हो जो इंसाफ़ ओ अदल का पैकर
वो संभाले कमान भारत की

लोग रहते हैं सब यहाँ मिलकर
है यही आन-बान भारत की

फ़ैसलؔ इस मुल्क से मोहब्बत है
रूह है पासबान भारत की
Faisal Qadri Gunnauri