जो दीवारों के सर पे कान होते
भरोसे तब कहाँ आसान होते
समझदारी दिखाई दिल ने मेरे
बड़े वरना यहाँ नुक़सान होते
हमें कोई गणित आता नहीं था
अगर आता, किसी की जान होते
तबाही कर हुआ अफ़सोस होगा
नहीं तो क्यों थमे तूफान होते
इलेक्शन की टसल होती नहीं तो
जले न गाँव के खलिहान होते
हमें फ्लैटों में कैसे नींद आती
अगर सो ही गये दरबान होते
बड़ा गाढ़ा है वो चुप ही रहेगा
रहें कब तक हमीं हलकान होते
लुभातीं ख़ुशबुएँ उसको अगर तो
'अना' हम भी हुए लोबान होते
हमें इन मुश्किलों ने टफ किया है
नहीं तो हम 'अना' आसान होते
Anamika Singh