Dheeraj kumar verma

डाल दो जिसपे नज़र उसको दिवाना कर दो
थाम लो हाथ जिसे उसका ज़माना कर दो

तीर नज़रो से मिरे दिल को निशाना कर दो
इश्क़ में मेरे फ़ना हो के फ़साना कर दो

कब तलक यूँ ही फिरूँगा मैं तो मारा मारा
अपने ही दिल में यूँ मेरा भी ठिकाना कर दो

ग़म की दहलीज़ पे बैठा रहूँ कब तक आख़िर
तुम जो चाहो तो मिरे ग़म को तराना कर दो

तुझ को देखें जो ये महफ़िल तो करें सरगोशी
तुम जो आ जाओ तो मौसम को सुहाना कर दो

रोज़ गलियों से तेरे यूँ ही गुज़रता जाऊँ
छत पे आने का तो कुछ तुम भी बहाना कर दो

यूँ ना छेड़ो लब ओ रुख़्सार को मेरी जानाँ
तुम जो हँस दो तो ज़ईफ़ो को दिवाना कर दो

मेरे बच्चे ही उसे बोले जो मम्मी मम्मी
मेरे मौला वो चमत्कार पुराना कर दो
Dheeraj kumar verma

Dheeraj kumar verma | We The Sukhanwar