Suraj Kumar Mayank

घर की इज़्ज़त भी बचानी है, परेशानी है
उससे शादी भी रचानी है, परेशानी है

इश्क़ है, ख़्वाब हैं, घर-बार का भी ज़िम्मा है
यार खतरे में जवानी है, परेशानी है

सारे ख़त फूँक दिए और जलाये फोटो
पर जो सीने में निशानी है, परेशानी है

उसकी डोली भी उसी तंग गली निकलेगी
लाश मेरी भी ले जानी है, परेशानी है

फिर से नक़्शे पे नया रास्ता हम खोजेंगे
एक दो दिन की कहानी है, परेशानी है

हारने वाले का ग़म भी नहीं देखा जाता
जीत की खुशियाँ मनानी है, परेशानी है
Suraj Kumar Mayank