मेरी जाँ मुझको तुम इक नज़र देख लोअपनी चाहत का मुझपे असर देख लोगर जो मुमकिन नहीं है मुलाक़ात तोहूँ मैं आँखों का प्यासा इधर देख लोDheeraj kumar verma