ये कौन सी हयात में बच्चे उतर गये
माँ बाप बूढ़े होते ही मन से उतर गये
चूल्हे को चाहिए थे दुई चार हाथ और
थोड़े बड़े हुए ही थे, बस्ते उतर गये
पोशाक है सफ़ेद तो क्या साफ़ है ज़मीर
औरत दुखी है, देखा तो कुरते उतर गये
दौलत ही इतनी बख़्श दे बेटी के बाप को
फिर से न कोई बोले कि साफ़े उतर गये
अपनों से प्यार क्या है कुछ इनसे ही सीख लो
इक पंख गिर रहा था परिंदे उतर गये
Sanjivv Kummar