Shazia niyazi

दूसरे किरदार का मतलब समझ।
फिर हमारी हार का मतलब समझ।

रोज़ इक रूमानियत की ईंट रख,
और उस दीवार का मतलब समझ।

डिगडिगी के शोर पे ठुमके लगा,
सरफिरी सरकार का मतलब समझ।

इश्क़ तो तूने हज़ारों हैं किए,
पर कभी इज़्हार का मतलब समझ।

अपने साए को किसी दिन वरग़ला,
और दावेदार का मतलब समझ।

उस सिपाही की नज़र में चोर है,
गुमशुदा तलवार का मतलब समझ।

एक सुई को चुभो कर भूल जा,
तंज़िया अश्आर का मतलब समझ।

ख़ुदकुशी कर लेंगे वर्ना बाज़ आ,
ज़िंदगी धुत्कार का मतलब समझ।

चूड़ियों का रंग फीका पड़ रहा,
शाज़िया इतवार का मतलब समझ।
Shazia niyazi