Rajesh Reddy

सब कुछ नया है कुछ भी पुराना नहीं रहा
मैं रह गया हूँ, मेरा ज़माना नहीं रहा

सूखा हूँ जब से शाख़ पर आता नहीं कोई
अब मैं किसी का ठौर-ठिकाना नहीं रहा

कुछ इस तरह़ से खो गया तुझमें मिरा वजूद
मेरा फ़साना, मेरा फ़साना नहीं रहा

पढ़ने लगे हैं लोग मिरे चेहरे पर तुझे
अब मेरे बस में कुछ भी छुपाना नहीं रहा

उसमें भी आ गया है ज़रा-सा सयानापन
मैं भी तो पहले जैसा दीवाना नहीं रहा

इक उम्र काटनी है सो काटेंगे तेरे बाद
जीने का यूँ तो कोई बहाना नहीं रहा
Rajesh Reddy

Rajesh Reddy | We The Sukhanwar