हूँ वह सवाल जिसको लाजवाब होना है
मैं जल रहा हूं मुझको आफताब होना है
तुम्हारे दिल-सी तंग है तुम्हारी दुनिया भी
मैं मोहब्बत हूँ मुझको बेहिसाब होना है
नहीं उस पार की बातों से मुझको कुछ मतलब
मुझे इस पार ही अच्छा-खराब होना है।
जो चले आए हो तो आओ बैठो! बात करें
न सूख जाऊं मैं मुझको दोआब होना है
मैं खड़ा हूँ, यह असर है तेरी दुआओं का
मगर एक रोज़ तो खानाख़राब होना है।
कि लौट आए हो मैदान-ए-जंग से लेकिन
तुम्हारा क़त्ल तो घर में जनाब होना है
तेरी फितरत का नहीं मेल सियासत से 'अजेय'
तेरा हर पहलू यहां बेनकाब होना है
DR. AJAY KUMAR 'AJEY'