Devmani Pandey

आप जब से हो गए मंसूब मेरे नाम से
मिल गए हैं दिल को मेरे कुछ नए आयाम से

बादलों की ओट से जब चाँद का चेहरा दिखा
यूँ लगा जैसे मिली हो राधिका घनश्याम से

सब मिरे किरदार की अज़्मत से वाक़िफ़ हैं यहाँ
कुछ नहीं बिगड़ेगा मेरा अब किसी इल्ज़ाम से

मुस्कराके हमने उससे कह दिया ख़ुश-आमदीद
मौत जब आई है मिलने ज़िंदगी की शाम से

मस्लहत ने कर दिया है शहर-भर को अजनबी
वरना सब वाक़िफ़ थे कल तक हर किसी के नाम से

रास्तों की मुश्किलों ने हौसला कुछ यूँ दिया
डर नहीं लगता हमें अब इश्क़ के अंजाम से
Devmani Pandey

Devmani Pandey | We The Sukhanwar