Anis shah anis

उसका दर्जा कई शाहों से बड़ा होता है
इक क़लंदर के जो क़दमों में पड़ा होता है

झुकते रहना ही निशानी है कि हम ज़िंदा हैं
वैसे होने को तो मुर्दा भी कड़ा होता है

मो'जिज़ा ख़ूब ये तहज़ीब-ओ-अदब में देखा
शख़्स झुकता है तो क़द और बड़ा होता है

नेकियों के लिए दरिया है सो करते जाओ
किंतु पापों के लिए सिर्फ़ घड़ा होता है

माल-ओ-ज़र है तो सभी साथ खड़े होते हैं
दौर-ए-गर्दिश में कहाँ कौन खड़ा होता है

कोई मीनार खड़ा है तो ये तय भी है 'अनीस'
उसकी बुनियाद में पत्थर भी गड़ा होता है
Anis shah anis

Anis shah anis | We The Sukhanwar