Shravan Kumar

अच्छी है तक़दीर हमारी
टूट गई ज़ंजीर हमारी

उसकी दुनिया उसकी मर्ज़ी
क्या करती तदबीर हमारी

साथ हमारे सब गाते हैं
गाती है जब पीर हमारी

बातें करते हैं शेरों में
ग़ालिब मोमिन मीर हमारी

काश हमारे लफ़्ज़ों में भी
आ जाती तासीर हमारी
Shravan Kumar

Shravan Kumar | We The Sukhanwar