आँख से तुम उतर नहीं जाना,
अश्क बन कर बिखर नहीं जाना।
देखना, ज़िंदगी पुकारेगी!
मौत से पहले मर नहीं जाना।
एक लड़की ये कहती रहती है,
आज तुम काम पर नहीं जाना।
एक मुद्दत के बाद लौटे हो,
अब मुझे छोड़कर नहीं जाना।
इश्क़ में ऐसा होता रहता है,
चोट खाकर सिहर नहीं जाना।
जिस जगह दुनियावाले रहते हैं,
भूलकर भी उधर नहीं जाना।
आसमाँ के तमाम तारे 'यश',
पूछते हैं कि "घर नहीं जाना?"
Yash Trivedi
आँख से तुम उतर नहीं जाना,
अश्क बन कर बिखर नहीं जाना।
देखना, ज़िंदगी पुकारेगी!
मौत से पहले मर नहीं जाना।
एक लड़की ये कहती रहती है,
आज तुम काम पर नहीं जाना।
एक मुद्दत के बाद लौटे हो,
अब मुझे छोड़कर नहीं जाना।
इश्क़ में ऐसा होता रहता है,
चोट खाकर सिहर नहीं जाना।
जिस जगह दुनियावाले रहते हैं,
भूलकर भी उधर नहीं जाना।
आसमाँ के तमाम तारे 'यश',
पूछते हैं कि "घर नहीं जाना?"
Yash Trivedi
آنکھ سے تم اتر نہیں جانا،
اشک بن کر بکھر نہیں جانا۔
دیکھنا، زندگی پکارے گی!
موت سے پہلے مر نہیں جانا۔
ایک لڑکی یہ کہتی رہتی ہے،
آج تم کام پر نہیں جانا۔
ایک مدت کے بعد لوٹے ہو،
اب مجھے چھوڑ کر نہیں جانا۔
عشق میں ایسا ہوتا رہتا ہے،
چوٹ کھا کر سِہر نہیں جانا۔
جس جگہ دنیا والے رہتے ہیں،
بھول کر بھی ادھر نہیں جانا۔
آسماں کے تمام تارے 'یش'،
پوچھتے ہیں کہ "گھر نہیں جانا؟"
Yash Trivedi