वो बुला भी नहीं रहा अब तो
और आ भी नहीं रहा अब तो
हाँ तो हँसने की बात ये है कि मैं
मुस्कुरा भी नहीं रहा अब तो
मैं किसी का नहीं रहा यानी
आपका भी नहीं रहा अब तो
ख़्वाब कोई तिरी मोहब्बत का
मैं सजा भी नहीं रहा अब तो
इतनी आसानी से किसी के मैं
हाथ आ भी नहीं रहा अब तो
ख़ुद को आवारगी के रस्ते से
मैं हटा भी नहीं रहा अब तो
बात क्या है? कि मेरे होंटों को
तू चबा भी नहीं रहा अब तो
क्या हुआ है कि मुझको पास अपने
तू बिठा भी नहीं रहा अब तो
अपनी बर्बादी का ये मंज़र 'यश',
मैं छुपा भी नहीं रहा अब तो
Yash Trivedi
Wo bula bhi nahin raha ab to
Aur aa bhi nahin raha ab to
Haan, to hansne ki baat ye hai ki main
Muskura bhi nahin raha ab to
Main kisi ka nahin raha yaani
Aapka bhi nahin raha ab to
Itni aasani se main duniya ke
Haath aa bhi nahin raha ab to
Yash Trivedi
وہ بلا بھی نہیں رہا اب تو
اور آ بھی نہیں رہا اب تو
ہاں، تو ہنسنے کی بات یہ ہے کہ میں
مسکرا بھی نہیں رہا اب تو
میں کسی کا نہیں رہا یعنی
آپ کا بھی نہیں رہا اب تو
اتنی آسانی سے میں دنیا کے
ہاتھ آ بھی نہیں رہا اب تو
Yash Trivedi