Rubi Gupta satyendra

मुहब्बत में हर एक जोख़िम,गवारा हो ही जाता है
जिसे हम चाह दें दिल से हमारा हो ही जाता है

मुहब्बत हो, इबादत हो, सियासत हो, रियासत हो
किनारा करने वालों से किनारा हो ही जाता है

ज़माने की ‌ऩज़र से कब तुम्हारा अक़्स छुप पाया
हम अपना ज़िक्र करते हैं तुम्हारा हो ही जाता है।

कोई मानें या ना मानें, मगर ये सच है सौ फ़ीसद
ज़रूरत जिसकी होती है वो प्यारा हो ही जाता है।

बुलंदी पर रहें हरदम, ये मुमकिन तो नहीं लेकिन
फलक पर पाँव जो रख दे सितारा हो ही जाता है।

सहारें की ज़रूरत हो ख़ुदा को याद कर लेना,
इनायत उसकी हो जाये, सहारा हो ही जाता है।

जुबाँ खोले तो इज़्ज़त बढ़ नहीं जाती है औरत की
बिना खोले ज़ुबां भी तो गुज़ारा हो ही जाता है

है लहज़ा नर्म रूबी का बहुत शाइस्ता है लेकिन
कोई तेवर दिखा दे तो करारा हो ही जाता है
Rubi Gupta satyendra

Rubi Gupta satyendra | We The Sukhanwar