काँटे क्या चलने लगे अपने घड़ी केहो गए इरशाद हम दुश्मन सभी केकाम सब ख़ाकी से करवाएंगे अपनाबैठ कर संसद में अब गुंडे गली केराम का अपमान कर सकते नहीं वो रब के बन्दे हैं जो और आशिक नबी केIrshad Siddique shibu