Vishal Ojha 'Ehsaas'

सभी के दुखों का अलग है हिमालय
समंदर जुदा है, नदी दूसरी है

​ज़माना सभी का वही चल रहा है
मगर हर किसी की सदी दूसरी है
Vishal Ojha 'Ehsaas'