Shravan Kumar

बात करते तो बात बन जाती
करते रहते तो बात बन जाती

कितनी उजलत में आप थे वरना
सब्र करते तो बात बन जाती

बारहा ठोकरो पे गिरकर भी
चलते रहते तो बात बन जाती

कुछ क़दम आप संग जो मेरे
साथ चलते तो बात बन जाती

उसकी बातों को सुनते रहते बस
कुछ न कहते तो बात बन जाती

ये कदम गर उठा लिए होते
वक्त रहते तो बात बन जाती
Shravan Kumar

Shravan Kumar | We The Sukhanwar