मुंसिफ जो बनके आप महकमे में आ गए।
सब खेत मेरे घर के मुक़दमे में आ गए।
रिश्व्त से जेब भरके तुम्हारी हुजूर हम
पतलून पहनते थे पजम्मे में आ गए।
सारा कि सारा चारा खाकर डकार ली
जब जानवर जनाब के जिम्मे में आ गए।
मजदूर ने जब बात की अपने हुक़ूक़ की
सब कारखाने वाले ही सदमे में आ गए।
डमरू ढकोसलों का औ वादों की बांसुरी
नेता जी फिर से लेके मजमे में आ गए।
इक नाजनी का झुमका यहां ढूंढते हुए
नैना कई,बरेली के सुरमे में आ गए।
तूफानों की चराग़ों से इस जंग जूई में
नन्हे से कुछ चराग़ भी खेमे में आ गए।
Mustafa Husain Sahil