Fazal Abbas Aabdi

​राज़ जो दिल में हैं, आँखों से छुपा लो उनको
अश्क बन कर ना सर-ए-आम उछा लो उनको

​ज़ख़्म दिखलाने से मरहम तो नहीं मिलने का
हँसके दुनिया की निगाहों से बचा लो उनको

​वक़्त के साथ बदलते हैं यहाँ सब चेहरे
तुम भी यादों के झरोकों से हटा लो उनको

​अश्क बन कर ना छलक जाएँ कहीं ज़ख़्म-ए-निहाँ
अपने लहजे की मतानत में छुपा लो उनको

​रंग-ए-उल्फ़त से तो तस्वीर मुकम्मल न हुई
ख़ून आलूद किसी नक़्श में ढा लो उनको

​टूटते ख़्वाब अगर बोझ बनें आँखों पर
अपने पुर-अज़्म ख़यालों में बसा लो उनको

​ज़ब्त की क़ैद में रख कर ये तड़पते जज़्बे
फ़ज़ल अब्बास! नदामत से बचा लो उनको
Fazal Abbas Aabdi

Fazal Abbas Aabdi | We The Sukhanwar