उससे मोहब्बत बे-हिसाब कर लीबेकार में हालत ख़राब कर लीमुझसे बिछड़ना भाया ना तुझे भीहालत भला कैसी जनाब कर लीपड़कर किसी के इश्क़ में ये अपनीअच्छी भली दुनिया अज़ाब कर लीमैंने मोहब्बत और मौत में सेये मौत ही क्यूँ इंतिख़ाब कर लीEbraheem Khan Saeed