Ebraheem Khan Saeed

उससे मोहब्बत बे-हिसाब कर ली
बेकार में हालत ख़राब कर ली

मुझसे बिछड़ना भाया ना तुझे भी
हालत भला कैसी जनाब कर ली

पड़कर किसी के इश्क़ में ये अपनी
अच्छी भली दुनिया अज़ाब कर ली

मैंने मोहब्बत और मौत में से
ये मौत ही क्यूँ इंतिख़ाब कर ली
Ebraheem Khan Saeed