Ebraheem Khan Saeed

मेरी सारी ही जी-हुज़ूरी रह गई
खैर कुछ बातें थी ज़रूरी, रह गई

इक गलत फ़ैसले से बीच दोनों के
तुम ज़रा देखो कितनी दूरी रह गई
Ebraheem Khan Saeed