छोड़ कर जाने लगे मतलब निकल जाने के बाद
होश में अब आएं हैं हम उनसे छल जाने के बाद
आज इज़हार-ए-मुहब्बत कर ही दो मेरे सनम
काम फिर होता नहीं है कल पे टल जाने के बाद
अब गवारा ही नहीं है ख़्वाब तेरे देखना
क्या रहेगा आँखों में तू दिल को खल जाने के बाद
राह-ए-उल्फ़त है बहुत दुश्वार इतना जान लो
आप मुझको थाम लेना खुद सम्भल जाने के बाद
किसलिए हो मुन्तज़िर तकते हो रस्ता किसलिए
लौट आएँगे सफ़र से शाम ढल जाने के बाद
उनके दिल में जाग उठी है लौ मुहब्बत की मगर
क्या करेंगें हम भला अब दम निकल जाने के बाद
एक अपना आशियाँ था जो धुएं में खो गया
अब कहाँ जाऐंगे "साहिल" घर के जल जाने के बाद
Shashank Singh Thakur "SAAHIL"