राह तन्हा जो चल नहीं सकता
अपनी क़िस्मत बदल नहीं सकता
इश्क़ तेरा जवान है जब तक
हुस्न मेरा भी ढल नहीं सकता
ख़ुद वो जादू का इक पिटारा है
उसपे जादू भी चल नहीं सकता
दोस्तों के लिए ही मुमकिन है
हमको दुश्मन तो छल नहीं सकता
जब तलक हम न ऐसा चाहेंगे
हमको कोई बदल नहीं सकता
हर क़दम पर जो लड़खड़ाता है
साथ 'रूबी' के चल नहीं सकता
Rubi Gupta satyendra