Ebraheem Khan Saeed

इतने मासूम यार हाए हम
क्यूँ किसी शख़्स को न भाए हम

बेवकूफ़ी हमारी देखो तो
उसको खोकर भी मुस्कुराए हम

तुझसे वा-बस्ता याद को तेरी
इतनी आसानी से भुलाए हम

हो नतीजा बुरा अगर फ़िर से
बात आगे ही क्यूँ बढ़ाए हम

दोहरा मत पुरानी बातें अब
माज़ी को पीछे छोड़ आए हम

दाग दामन पे जो लगा उसको
तुम कहो किस तरह छुड़ाए हम

कौन था वो हमारी बर्बादी
यार तुमको क्या ही बताए हम

हमसफ़र तो चला गया अपना
अब बिना जिस्म के हैं साए हम

जो मोहब्बत हमें किसी से है
वो ज़माने से भी छिपाए हम

देखकर साथ गै़र के उसको
अपने नाखूनों को चबाए हम

थोड़ी सी इस ज़मीन को लेकर
ख़ून क्या अपनो का बहाए हम
Ebraheem Khan Saeed

Ebraheem Khan Saeed | We The Sukhanwar