Rajesh Reddy

बरी होना है अब मुश्किल हमारा
गवाही दे रहा है दिल हमारा

न रुक पाया हमारी ख़ुदकुशी तक
बहुत उजलत में था क़ातिल हमारा

जब अपने-आप में डूबे तो जाना
हमीं में था कहीं साह़िल हमारा

डगर करते रहे औरों की आसाँ
सफ़र होता रहा मुश्किल हमारा

अकेले कब रहे हम महफ़िलों में
अकेलापन रहा शामिल हमारा

हमें रहने भी दे अपने सफ़र में
न रस्ता रोक ऐ मंज़िल! हमारा
Rajesh Reddy