Danish Balliavi

लुटी है जो जागीर देखी है दानिश
तेरी फूटी तक़दीर देखी है दानिश

मिलेगा न उसको तेरे जैसा आशिक़
जो तुझ में यूँ तासीर देखी है दानिश

रक़ीबों के हुजरे में खिड़की से मैंने
तेरी जाँ की तस्वीर देखी है दानिश

मुहब्बत से डर मुझको लगने लगा है
ग़मों की जो ता'मीर देखी है दानिश

पिरोता है ज़ख़्मों को अपनी ग़ज़ल में
क़लम और तहरीर देखी है 'दानिश'
Danish Balliavi