Danish Balliavi

जाँ निछावर है सनम तेरी हिफ़ाज़त के लिए
मैं हूँ तैयार रक़ीबों से बग़ावत के लिए

है क़सम तुझ पे ज़रा आँच न आने दूँगा
मेरे अंदर है लहू उनसे अदावत के लिए

ज़िक्र और फ़िक्र करूँगा मैं मुसलसल तेरा
तुझको मौक़ा न मिलेगा यूँ शिकायत के लिए

कर ले इक़रार ज़रा तू मेरी इन बातों पर
भूल जाऊँगा ये दुनिया तेरी चाहत के लिए

मुद्दतों जिस्म में वीरान पड़ा था 'दानिश'
मैंने फिर दिल को सजाया है मुहब्बत के लिए
Danish Balliavi