देवेश त्रिपाठी

सारी दुनिया से कट रहा हूँ मैं
यानी दोषों से छट रहा हूँ मैं
जबसे सुनने लगा हूँ बाबा को
राधा राधा ही रट रहा हूँ मैं
देवेश त्रिपाठी