INAYAT ALI CHISHTI

है बहुत ख़ूबसूरत तुम्हारी नज़र
मेरी पैहम ज़रूरत तुम्हारी नज़र

देखती ही रहे मेरी नज़रें सदा
है यही मेरी हसरत, तुम्हारी नज़र

सबसे अनमोल आँखें हैं दुनिया की ये
किस कदर बेश क़ीमत तुम्हारी नज़र

एक लम्हें में नश्शा चढ़ा दे मुझे
ऐसी रखती है कुदरत तुम्हारी नज़र
INAYAT ALI CHISHTI

INAYAT ALI CHISHTI | We The Sukhanwar