INAYAT ALI CHISHTI

हमारी ज़ात की सूरत बदलने वाली है
ये नर्म लहजा तबीयत बदलने वाली है

ज़रा सा सब्र करो तुम को दिख ही जाएगा
बहुत ही जल्द ये क़िसमत बदलने वाली है

किया था मैंने भरोसा तुम्हारी उल्फ़त पर
पता नहीं था के नीयत बदलने वाली है

किसी भी एक का हो कर न रह सकेंगी ये
ये नस्ल ए नौ हैं ये हज़रत बदलने वाली है

कभी न जाता ‘इनायत’ क़रीब भी उसके
ख़बर जो होती ये औरत बदलने वाली है
INAYAT ALI CHISHTI

INAYAT ALI CHISHTI | We The Sukhanwar