किसे पता है हवा से पहले
यहाँ था कोई ख़ुदा से पहले
अभी जो आँखों में हैं लबालब
नहीं थे आँसू दुआ से पहले
बड़े बताते हैं मर्ज़ कम था
हकीम कम थे दवा से पहले
ये आजकल की शरारतें हैं
कहाँ था नुक्साँ नफ़ा से पहले
सुना है दिल से पुकारते थे
ख़मोशियाँ थी सदा से पहले
Nivedan Mishra