बीमार-ए-इश्क़ पर बड़ा एहसान कर दिया,मुश्किल जो काम था उसे आसान कर दिया।आकर क़रीब ख़ुद ही ‘अयादत’ के वास्ते,तुमने तो मेरे जिस्म को बेज़ान कर दिया।Kamran Abbas