Vishal Ojha 'Ehsaas'

इश्क़ वाले ही दर्द समझेंगे
और बस पूछ कर मज़ा लेंगे

जिनके हालात सख़्तजानी हों
हाल पूछो तो मुस्कुरा देंगे

प्यास पानी से सब बुझाते हैं
प्यास सहरा से हम बुझायेंगे

तुम न आओ तुम्हारी मर्ज़ी है
हम तुम्हें उम्र भर पुकारेंगे

फ़ितरतन तुम हमें दग़ा दोगे
आदतन हम तुम्हें दुआ देंगे

हम ज़माने के ख़ुद सताए हैं
हम ज़माने को क्या सताएँगे

वो तुझे पा के ख़ुश नहीं होंगे
जो मेरे बा'द तुझको पाएँगे

बस हमें एक बार कह दो 'जान'
ज़िन्दगी तुम पे वार जाएँगे

दर्द जो ख़ल्क में न आ पाए
शे'र में ख़ाक वो समाएँगे

वो बुझाते हैं सो बुझायें वो
हम चराग़-ए-वफ़ा जलाएँगे

तुम हमें हल समझ के मत जीना
हम तुम्हें मसअला बनाएँगे

हमारे शे'र जाविदानी हैं
हम तो इक रोज़ मर ही जायेंगे

नाम,चहरा,तमाम यादें वो
अबकि एहसास भूल जायेंगे
Vishal Ojha 'Ehsaas'