Tasneem Fatma

इमाम-ए-शहर तू फ़तवे का है बड़ा माहिर
कभी तो अपनी हक़ीक़त भी कर ज़रा ज़ाहिर

अवाम को तू समझता है तेरी मुट्ठी में
बहुत से आए गए तेरी तरह के साहिर
Tasneem Fatma

Tasneem Fatma | We The Sukhanwar