हम तुम्हारी ज़िंदगी से जा चुके हैं
अब हमारी वापसी मुमकिन नहीं है
हर सितम मंज़ूर हमको था तुम्हारा
क्यों करें तुमसे भला कोई शिकायत
तुमने थोड़ी देर कर दी लौटने में
अब नहीं है! तब रही होगी मोहब्बत
याद हमनें तुमको जिस दिन ना किया हो
ज़िंदगी में कोई ऐसा दिन नहीं है
जब तुम्हारे बाद मुश्किल वक़्त आया
तब हमारा साथ था उसने निभाया
उसने कुछ एहसान ये हमपर किए हैं
और अब हम भी उसी के हो लिए हैं
हाँ, मगर ये मानते हैं आज भी हम
वो हसीं मंज़र तुम्हारे बिन नहीं है
Nitesh Divya