हौसला अब नहीं रहा बाक़ी
दिल भी गर है तो अधजला बाक़ी
जो भी था सब लुटा दिया तुम पर
अब रहा मेरे पास क्या बाक़ी
मजलिसें-महफिलें कहानी हुईं
सिर्फ़ है एक सानेहा बाक़ी
दिल पे अब नक़्स कोई बनता नहीं
रह गया है कुछ आप-सा बाक़ी
जब बचेगा न कुछ भी दुनिया में
बस रहेगा मेरा ख़ुदा बाक़ी
Tasneem Fatma