साथ तेरे उदास है यानी
वो तेरा ग़म-शनास है यानी
मेरे होकर भी फ़ासला मुझ से
कोई मुझ से भी ख़ास है यानी
मुझ से हंस हंस के कर रहे हो बात
आपका दिल उदास है यानी
है शब-ए-हिज्र , यौम-ए-बर्बादी
आज पूरा गिलास है यानी
दुश्मनों तक गई है बात मेरी
कोई अपना ही ख़ास है यानी
बस 'इनायत' यहीं ज़वाल अपना
चंद लम्हों की साँस है यानी
INAYAT ALI CHISHTI