जब भी दो बे-हिसाब दे देना
तिश्ना-लब हूँ मैं आब दे देना
मेरा पैगाम गर तुम्हें मिल जाए
मेरे ख़त का जवाब दे देना
मेरे हाथों से हो गया है गुनाह
मेरे मौला अज़ाब दे देना
वो किसी और को नहीं पढ़ता
उसको मेरी किताब दे देना
देखना दिल ही हार बैठूंगा
तू मुझे बस गुलाब दे देना
जिसको बस माँगने की आदत हो
उसको कुछ तो जनाब दे देना
आपको चाय हम पिला देंगे
आप हमको शराब दे देना
तोड़ देना ख़मोशी को सोहिल
कोई हाज़िर-जवाब दे देना
Sohil Barelvi