मेरा रख लो भरम चले आओ
कर दो इतना करम चले आओ
अब नहीं ताब मेरी नज़रों में
है मेरी आँख नम चले आओ
अब तो घबरा रहा है दिल मेरा
दूर हों रंज ओ ग़म चले आओ
ताब ए गोयायी अब नहीं बाक़ी
और अटका है दम चले आओ
हिज्र में मर ना जाये दिवाना
अब ना ढाओ सितम चले आओ
छोड़ कर राहـएـइश्क को फै़सल
अब कहाँ जायें हम चले आओ
Faisal Qadri Gunnauri